पूर्वजों का सम्मान • आने वाली पीढ़ियों की धरोहर

वंश परिचय

देवड़ा वंशावली

अग्रवंश की गौरवशाली परंपरा, गोत्रों का परिचय और देवड़ा परिवार की पीढ़ियों को एक सुरक्षित डिजिटल स्थान पर संजोने का प्रयास।

“अपने वंश और पूर्वजों का परिचय हमें अपनी जड़ों से जोड़ता है और आने वाली पीढ़ियों को संस्कारों की पहचान देता है।”
देवड़ा वंशावली का आधिकारिक प्रतीक

17½

मूल गोत्रों की परंपरा

78

वर्णित पारिवारिक शाखाएँ

7

देवड़ा वंश की उपशाखाएँ

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

महाराजा अग्रसेन और अग्रवंश

एक ऐसी परंपरा जिसका आधार धर्म, अहिंसा, सामाजिक समानता और पीढ़ियों के बीच जुड़ाव है।

परंपरा के अनुसार सूर्यवंशी महाराजा अग्रसेन प्रतापनगर के राजा वल्लभसेन के पुत्र थे। उनके शासन और सामाजिक व्यवस्था को न्याय, समृद्धि और लोककल्याण के लिए स्मरण किया जाता है।

यज्ञ में पशुबलि देखकर उन्होंने अहिंसा का मार्ग अपनाया और अंतिम यज्ञ को अधूरा छोड़ दिया। इसी कारण अग्रवंश में साढ़े सत्रह यज्ञों से साढ़े सत्रह गोत्र स्थापित होने की मान्यता है।

अग्रवंश की पहचान

साढ़े सत्रह गोत्र

परंपरा के अनुसार महाराजा अग्रसेन के यज्ञों से अग्रवंश के साढ़े सत्रह गोत्रों की स्थापना मानी जाती है।

1गर्ग
2गोभिल
3गौतम
4मैत्रेय
5जैमिनी
6शाण्डिल्य
7वत्स
8और्व
9कौशिक
10कश्यप
11तांड्य
12मांडव्य
13वाशिष्ठ्य
14धौम्य
15मुद्गल
16धान्यासा
17तैत्तिरीय
18नागेन्द्र

जालान और देवड़ा शाखा

वंश-परिचय के अनुसार गर्ग गोत्रीय परिवारों में जालान नाम की उत्पत्ति जालना नगरी से मानी जाती है। समय के साथ इस वंश से अनेक शाखाएँ विकसित हुईं।

देवड़ा शाखा के नामकरण का संबंध वंश के सातवें क्रम में आए दयारामजी से बताया गया है। परंपरा में देवड़ा वंश की सात प्रमुख उपशाखाओं का उल्लेख मिलता है।

ताराभोपतकाजैतावतकल्लू बल्लूकाविशनकासुन्दरदासकाउदयरामकाहरखदासका

निवास और कुल-परंपरा

परिवार का मूल स्थान फतेहपुर (शेखावाटी) बताया गया है। बाद की पीढ़ियाँ लक्ष्मणगढ़ और मंडावा सहित अन्य स्थानों पर जाकर बसीं।

कुल-पुरोहित खेडवाल ब्राह्मण माने गए हैं। परंपरा में सामवेद, कौथुमी शाखा, गोभिल सूत्र तथा पाँच प्रवरों का उल्लेख है।

परिवार का विस्तार

अठहत्तर प्रमुख शाखाएँ

मूल वंश-परिचय में उल्लिखित शाखाओं को क्रमबद्ध और पठनीय रूप में प्रस्तुत किया गया है।

1.जालान
2.तुलस्यान
3.रामदासका
4.जैतीरामका
5.दामोदरदासका
6.चन्द्रसेनका
7.झुंझुनू-वाला
8.बांकेसरिया
9.समर्थरायका
10.परमानन्दका
11.नागरदासका
12.भज्जूरामका
13.दयारामका
14.भोजराजका
15.मंगलरामका
16.सुन्दरसेनका
17.ताराभोपतका
18.कल्लू बल्लूका
19.सुन्दरदासका
20.उदयरामका
21.हरखदासका
22.लूणकरणका
23.टोडरमलका
24.उडेका
25.कनकसिंहका
26.कांकरका
27.वाछूका
28.शरणका
29.शिवचन्दका
30.फतहचन्दका
31.चौधरी
32.नोपरायका
33.टांडवाला
34.नोपानी
35.कटारका
36.नेमानी
37.जटिया
38.कुड़कुड़ीवाला
39.रइया
40.पतासिया
41.विशनका
42.नागसरिया
43.मोदी
44.नूनवागला
45.पाटोदिया
46.बूबना
47.मस्करा
48.जलेबीचोर
49.मुसाणिया
50.टंसारी
51.छाजूका
52.कनौई
53.तपसी
54.वठारिया
55.नवलपुरिया
56.पिपलीवाला
57.कालूंडवाला
58.महजनिया
59.गालड़ीवाला
60.नागड़
61.मलकीसरिया
62.करेवाला
63.कालिनसरिया
64.लूड़िया
65.सुलतानिया
66.टमकोरिया
67.गिन्दौड़िया
68.कराल
69.देवड़ा
70.कठारसका
71.महलवाला
72.मोड़ा
73.गींदूरामका
74.मदूरिया
75.मलानूरका
76.हालण
77.कनबोलिया
78.काननसरिया
Secure family platform

Connect your generations together

Log in to systematically preserve family members, relationships and memories.

Log in